रिश्ते वो नहीं जो हम बनाते हैं,
रिश्ते वो हैं जिन्हें वक्त बनाता है ।
- रश्मि प्रभा
सोमवार, 28 फ़रवरी 2011
शनिवार, 26 फ़रवरी 2011
शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011
गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011
बुधवार, 23 फ़रवरी 2011
कल्पना से यथार्थ ....
यथार्थ से कल्पना तक जाना संभव नहीं,
कल्पना से यथार्थ तक जाना अनुभव का
संवेदनशील मार्ग है ...........।
- रश्मि प्रभा
मंगलवार, 22 फ़रवरी 2011
सोमवार, 21 फ़रवरी 2011
संस्कार नहीं बनाना है .....
बहुत आसान लगता है बुराई करना पर एक
अदृश्य तिलस्मी जाल की तरह वह और अन्दर
आने को प्रेरित करता जाता है और पीछे लौटने
के सारे रास्ते स्वतः बन्द हो जाते हैं। बुराई को
संस्कार नहीं बनाना है , बस फुफकारना भर है ....
गुरु जी कहते हैं - ' भक्ति से शक्ति फिर खुद
से युक्ति और हमेशा की मुक्ति ...........।
- सुमन सिन्हा
सदस्यता लें
संदेश (Atom)