शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

जीवन का सच ...!!!

एक रोटी - पूरे जीवन का सच 
चटनी लगाओ न लगाओ 
छत पाओ न पाओ 
रिश्तों को जियो न जियो 
यह रोटी पहला और अक्षरशः सच है !!!
- रश्मि प्रभा 

मंगलवार, 20 दिसंबर 2011

अगर खामोशी हो तो ... !!!

जब सर पर स्‍नेहिल हाथ की जरूरत हो तो अनेक शब्‍द भी कुछ नहीं कर पाते, 
और अगर ख़ामोशी हो तो कई सोच धराशाई हो जाती हैं ... !!!

- रश्मि प्रभा

सोमवार, 19 दिसंबर 2011

बन्द आँखों के अन्दर ....!!!

जो आँख पर पट्टी  चढ़ाकर दूसरों को देखते हैं 
बन्द आँखों के अन्दर धृतराष्‍ट्र की तरह सिर्फ अपना सोचते हैं 
ऐसे लोगों से बात करना कुरुक्षेत्र का मैदान ही तैयार करना है ....!!!

- रश्मि प्रभा 

शनिवार, 17 दिसंबर 2011

सब ज्ञानी होते हैं ...!!!

होनी जब तक दूसरे के घर तांडव करती है , तब तक सब ज्ञानी होते हैं 
जैसे ही बिजली अपने घर की जाती है सारी बुद्धि भी गुल्ल हो जाती है...!!!
 
- रश्मि प्रभा 

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011

चिंतन अनिवार्य है ...

कर्ण के भीतर का नफरत उसका स्वभाव नहीं था ...
स्वभाव से विपरीत जब नफरत जन्म ले तो चिंतन अनिवार्य है 
माना - कृष्ण नहीं बन सकते , पर पितामह की तरह समझ तो सकते हो !
 
- रश्मि प्रभा 
 
 

बुधवार, 14 दिसंबर 2011

नाकामयाब कोशिश ...

जिन रिश्तों में सोच नहीं होती  
उनको बनाये रखने की कोशिश महज बेवकूफी है 
और एक नाकामयाब कोशिश ...
 
- रश्मि प्रभा 

मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

असली ज़िन्दगी ....

जो किनारे खड़े रहते है , वे क्या जाने लहरों से जूझना और जीवन को पाना 
असली ज़िन्दगी उनकी है जो मझधार में लहरों से उलझते हैं ...!!!
- रश्मि प्रभा