शनिवार, 7 मई 2011

निर्माण का अभिषेक ....

जिस तरह तुम आंखे बन्‍द करके अपने आराध्‍य की अर्चना करते हो,
उसी तर‍ह ईश्‍वर आंखे बन्‍द कर निर्माण का अभिषेक करता है ...।


- रश्मि प्रभा

6 टिप्‍पणियां:

  1. अंतरतम को हिलाती हुई .....एक लौ जगाती हुई पंक्तिया दीदी ....! मुझे बहुत अच्छी लगी ये पंक्तिया...! :)

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  2. बहुत उम्दा एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति.

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...