शनिवार, 28 मई 2011

समय ...

समय से ज़िन्दगी जीना ज़रूरी है
तो समय से मर जाना भी ज़रूरी है ( हाँ यह अपने हाथ में नहीं होता ) .
मोह का बंधन तो फांसी की तरह लटका होता है ,
अपने हाथ में कुछ नहीं होता , पर यदि इस ज़रूरत को
हम दिल दिमाग से स्वीकार कर लें
तो इधर-उधर की निरर्थक चिंताओं से खुद को परे कर सकते हैं !


- रश्मि प्रभा

6 टिप्‍पणियां:

  1. well said !!!
    Indeed time is one of the most powerful force in existence.

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  2. निरर्थक चिंताओं से मुक्ति का सटीक सूत्र!!

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  3. निरर्थक चिंताओं से मुक्ति पाना अपने हाथ में है ... सटीक चिंतन

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...