गुरुवार, 9 अगस्त 2012

चिंतन ...

मलबों के ढेर से कई अनुभव निकलते हैं और स्‍याह सन्‍नाटों में आकार लेते हैं ...

- रश्मि प्रभा

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुंदर प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट छाते का सफरनामा पर आपका ङार्दिक अभिनंदन है । धन्यवाद ।

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...