गुरुवार, 17 नवंबर 2011

रिश्ता जोड़ना होता है ....!!!

लहरें कभी हाहाकार करती हैं , कभी शांत आलोड़ित होती हैं .... 
पर जब वो शांत होती हैं तो भी एक हाहाकार मौन होता है . 
उनको समझने के लिए उन लहरों से एक रिश्ता जोड़ना होता है ....!!!
 
- रश्मि प्रभा 


7 टिप्‍पणियां:

  1. शांत लहरों में छिपा हाहाकार ... और उससे रिश्ता जोडने का प्रयास ..बहुत हिम्मत चाहिए .

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  2. हिम्मत के बगैर कुछ होता कहाँ है ! ज़िन्दगी को समझने के लिए भी हिम्मत चाहिए

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  3. आपकी रचना शुक्रवारीय चर्चा मंच पर है ||

    charchamanch.blogspot.com

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  4. हाहाकारी मौन को समझना सबके लिए संभव भी नहीं !

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  5. जी,इसीलिए तो कहा जाता है की ख़ामोशी की भी जुबां होती है.

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...