मंगलवार, 21 अगस्त 2012

चिंतन ...

कोई भी व्‍यक्ति सिर्फ वह नहीं होता जो रंगमंच पर उतरता है,
अनुरोध पर गानेवाला ज़रूरी नहीं कि उस वक्‍़त गाने की स्थिति में हो ... 
इसे समझनेवाले बिरले होते हैं 

- रश्मि प्रभा

4 टिप्‍पणियां:

  1. गहन सम्वेदना समझने वाले विरले ही होते है।

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  2. बहुत ही गहन संवेदना को ब्यक्त करता हुआ आत्म-चिंतन |बधाई आपको |

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है /जरुर पधारें /

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  3. सुन्दर विचार,
    किसी भी मनुष्य से अपेक्षा करना मानव स्वभाव है,
    बिना स्थिती,परिस्थती और क्षमता का ध्यान रखे
    बिना ही लोग अपने मनोइच्छा से अपेक्षा करने लगते हैं,अपेक्षा पूरी नहीं होने पर ,क्रोधित या निराश हो जाते हैं,जो सर्वथा अनुचित है

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आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...