शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

झूठ के पेड़ पर सत्य के फल ...

सत्य कड़वा तब होता है 
जब बुनियाद झूठ की हो 
अचानक झूठ के पेड़ पर 
सत्य के फल आ जाएँ 
तो वह अपना स्वभाव नहीं छोड़ता 
सर्प विष में पगा मीठा फल विषैला ही होता है ...
 - रश्मि प्रभा 

9 टिप्‍पणियां:

  1. अचानक झूठ के पेड़ पर
    सत्य के फल आ जाएँ
    तो वह अपना स्वभाव नहीं छोड़ता
    haan.....kai baar is anubhaw se guzri hoon....

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  2. खूब-सूरत प्रस्तुति |
    बहुत-बहुत बधाई ||

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  3. रश्मी जी अच्छी सलाह दि है आपने

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  4. आपकी सारी बाते ,विचार ,सलाह मेरे लिये अमुल्य है .
    अक्सर जब मन कई सारी बातो के भंवर में फस जाता है तो आपके ब्लॉग पर आकर
    मन शांत हो जाता है...और कभी तो उलझन भी हल हो जाती है ..
    --

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  5. सर्प विष में पगा मीठा फल विषैला ही होता है ...

    सही कहा आपने

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  6. सच कहा है ...
    मकर संक्रांति की बधाई ..

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  7. बहुत बढ़िया विचार...
    आज ही देख पायी इस ब्लॉग को...
    अब जाने कब सोऊँगी
    सादर.

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