सोमवार, 27 अगस्त 2012

चिंतन ...

बचाव में जो हाथ या हथियार उठते हैं वह हिंसा नहीं होती , वह बस बचाव है.... पर अपशब्द .... वह एक गलित मानसिक हिंसा है , जिसे बचाव के उद्देश्य से भी नहीं करना चाहिए ! 

- रश्मि प्रभा 

2 टिप्‍पणियां:

  1. रश्मिप्रभा जी का चिंतन इतना व्यावहारिक और गहरा है पहली बार जाना ..

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...