सोमवार, 14 मार्च 2011

सुनामी का आह्वान ...

प्रकृति ने जीवन दिया ,
मनुष्य ने उसकी संजीवनी शक्तियों को ख़त्म कर
अपनी लिप्साओं के मार्ग खोले - सुनामी का आह्वान किया !

- रश्मि प्रभा

8 टिप्‍पणियां:

  1. par ye bhi sach hai...bhagwan har achchhe logo ko jaldi bulata hai,...tabhi to Japan jaise shanti priya desh ko hi itne kasht..!

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  2. बेलगाम तृष्णाओं और उसकी समर्थक विचारधारओं नें प्रकृति को उग्र बना दिया है।

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  3. प्रकृति स्वयं को संतुलित करती है ...यह मानव के ऊपर है कि उसका संतुलन न बिगाड़े ...नहीं तो ऐसी आपदाएं पृथ्वी के किसी भी हिस्से में आ सकती हैं

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  4. सुन्दर , सार्थक चिंतन ।

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  5. प्रकृति का संतुलन बिगाड़ कर हम स्वयं विनाश को आमंत्रण दे रहे हैं.

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  6. ye to satya hai, apani pragati aur anusandhan ka dam bharne vala isa samay bauna kyon ban jata hai?

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