मंगलवार, 8 मार्च 2011

आकर्षक और आरामदेह .....

जब हम सच बोलते हैं तो लोग उसमें से कुछ और ढूंढते हैं
पर झूठ ... इतना आकर्षक और आरामदेह होता है कि
लगभग सारे लोग उसे स्वीकार कर लेते हैं .........।।


- रश्मि प्रभा

9 टिप्‍पणियां:

  1. यह तो आपने सही बात कह दी ...सच को जल्दी से स्वीकार नहीं किया जाता ..

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  2. 10000 fisdi sach...har koi jhooth se lipti kathan me biswas dhundh leta hai..!

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  3. didi ,
    pranam !
    jee ! sahi hai bil kul , sach bahut kadvaa hota hai jo katu priya hota hai , jhhot jo kshanik hotaa hai wo karn priy lagata hai , pratntu ...... kshan bhangoor . didi . sadhuwad .
    saadar

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