गुरुवार, 31 मार्च 2011

दिल और दिमाग ...

भावनाओं के गणित और पैसे के गणित में
दिल और दिमाग का फर्क होता है .... !!


- रश्मि प्रभा

12 टिप्‍पणियां:

  1. और हम गधे...दिल का गणित समझते है, दीमाग का नहीं ...[:)]

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  2. जीत दिल की ही होती है ... और तभी सही दिमाग काम करता है

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  3. किन्तु दोनो गणनाएँ आवश्यक है। जैसा अवसर!!

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  4. भावनाओं के गणित में हमेशा गलती हो जाती है..

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  5. दिल के गणित का आकलन सदैव ही संतुलित नहीं होता और गड़बड़ी मिल ही जाती है. हैं दिमाग का गणित का आकलन एकदम सत्य बैठता है.

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  6. मेरी लड़ाई Corruption के खिलाफ है आपके साथ के बिना अधूरी है आप सभी मेरे ब्लॉग को follow करके और follow कराके मेरी मिम्मत बढ़ाये, और मेरा साथ दे ..

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  7. पर मुझ जैसों का क्या जिन्हें गणित कभी से पसंद नहीं...

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  8. problem ya hai ki kabhi dil to kabhi dimag hawi ho jata hai...dono me balance nahi rah pata:D

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...