मंगलवार, 18 अक्तूबर 2011

मुड़ी तुड़ी मनःस्थिति

जिस तरह कई बार मुड़े तुडे कागज़ से कोई बात मिल जाती है
उसी तरह मुड़ी तुड़ी मनःस्थिति से कविता या कहानी जन्म लेती है ...!!

- रश्मि प्रभा


5 टिप्‍पणियां:

  1. मुडी तुड़ी मन;स्थिति में ही कविता जन्म लेती है

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  2. तुड़ा -मुड़ा कागज जैसा ही तुड़ा मुड़ा मन लिखता है कविता कहानियां !

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  3. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ||

    बधाई स्वीकारें ||

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