सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

बुद्धि की सुनामी...

बुद्धि की सुनामी कम घातक नहीं होती !

- रश्मि प्रभा

4 टिप्‍पणियां:

  1. गाम्भीर्य की मर्यादा तोड़ती, मायामय बुद्धि घातक सुनामी ही है। स्व-पर दोनो के लिए।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||
    बधाई स्वीकार करें ||

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  3. निर्बुद्धि की जिन्दगी, सुख-दुःख से अन्जान |
    निर्बाधित जीवन जिए, डाले न व्यवधान ||

    बुद्धिमान करता रहे , खाकर-पीकर मौज |
    एकाकी जीवन जिए, नहीं बढ़ाये फौज ||

    बुद्धिवादी परिश्रमी, पाले घर परिवार |
    मूंछे ऐठें रुवाब से, बैठे पैर पसार ||

    बुद्धिजीवी का बड़ा, रोचक है अन्दाज |
    जिभ्या ही करती रहे, राज काज आवाज ||

    बुद्धियोगी हृदय से, लेकर चले समाज |
    करे भलाई जगत का, दुर्लभ हैं पर आज ||

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