मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

वक़्त उन्हें भी ...

अपने पराये की लकीर जो खींचते हैं , वे भूल जाते हैं
कि वक़्त उन्हें भी पराया करता जाता है .....!!

- रश्मि प्रभा

10 टिप्‍पणियां:

  1. जो जस करहिं सो तस फल चाखा .

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  2. Waqt sabkuch dikhata hai, kaun apna kaun paraya... log samajh nahi paate aur samajhte hai to accept kar nahi paate..! KAtu satya jeevan ka...! ILu..!

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  3. वक़्त कब किसको पराया कर दे , कौन जाने !

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  4. hummm sahi hai par samajte kitne log hai ye bat..batvara salo se chala aa raha hai aur chalta rahega...

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  5. ye to mani hui bat hai ki aap lakir kheenchenge to usake doosari or rah jaayenge aur akele hi honge.

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आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...