शनिवार, 25 जून 2011

खुद के लिए ....

खुद के लिए अगर जीना नहीं आया तो
दूसरों के लिए जीना आसान नहीं ....


- रश्मि प्रभा

9 टिप्‍पणियां:

  1. बिलकुल ठीक बात है ...स्वयं प्रसन्न चित्त रहने पर ही हम ख़ुशी बाँट सकते हैं .जो हमारे पास है वही निधि हम दूसरों को भी दे सकते हैं ...!!

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  2. एकदम सही |
    श्री चरणों में प्रणाम ||

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  3. आपकी यह ज्ञान गंगा हमें भी निर्मल कर जाती है ..बहुत ही प्रेरक विचार ।

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  4. pata nahi shayad mera sochna galat ho par mai ye sochti hu ki kisi aur ke liye hum jina sikh le to khud ke liye jina aa hi jayegaa..khud ke liye jine vale sirf khud ke liye hi jite hai..kya mai 1% bhi sahi hu Rashmiji... ?

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  5. सही कहा दीदी थोडा स्वार्थी तो होना पड़ता है

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...