मंगलवार, 28 जून 2011

हर एक को ....

हर एक को खुश रखने की प्रक्रिया हमेशा असफल होती है ....

- रश्मि प्रभा

9 टिप्‍पणियां:

  1. ये बात आपने बिल्कुल सही कहा है !

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  2. किसको-किसको खुश करें, सारा जहाँ अजीब,

    होते वे नाराज जब, "रब" को करूँ करीब |

    "रब" को करूँ करीब, बता दो हमको रस्ता ,

    दो पाटन के बीच, हो रही हालत खस्ता |

    है रविकर यह कठिन, ख़ुशी दे पाना सबको'

    हो जाता हूँ फेल, रखूं खुश कैसे किसको ||

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  3. kisee ko bhi khush rakhne ki prakriya galat hai...is vichar ka mool hi galat hai didi. paon chhu raha hun.

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  4. sahi kaha di
    aap sabko khush nikar sakte
    aur agar sb khush hain to aap nakhush hain :)

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