सोमवार, 10 सितंबर 2012

चिंतन ...

माँ एक चुनौती है 
शिव का त्रिनेत्र 
गीता का ज्ञान 
कृष्ण की ऊँगली 
जिसपे है गोवर्धन अड़ा...  जीवन चुनौती है, ना हो चुनौती तो अपनी क्षमताओं से व्यक्ति अनभिज्ञ रहता है 

- रश्मि प्रभा

3 टिप्‍पणियां:

  1. बिना चुनौती के मनुष्य निस्तेज हो जाता
    संतुष्टी के भ्रम में जीता

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  2. चुनौती में ही अभिव्यक्त होती है प्रतिभा , मगर जब पूरा जीवन ही चुनौतियों के बीच गुजरे तो विरक्ति/थकान होने लगती है!

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