सोमवार, 12 सितंबर 2011

खुद पर विश्वास ...

किसी के सर पर पाँव रखकर बढ़ने से बेहतर है
खुद पर विश्वास रखकर चलना
ऐसे में गिरने के ,चोट लगने के अपने मायने होते हैं ....!!!
- रश्मि प्रभा

6 टिप्‍पणियां:

  1. ये बात तो है , गिरते- सम्भलते हम मजबूत होते जाते हैं!

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  2. ha bilkul sahi bat kahi aapne..aur dusro ke sir pe bhar rakhke chalne se hame hi bhar lagta hai life time...

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  3. bahut hi sunder aurgyaanverdhak vichaar bahut badhaai aapko.



    meri nai post per aapkaa swaagat hai.

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  4. बहुत ही गहन और प्रेरणास्पद!!

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...