बुधवार, 14 दिसंबर 2011

नाकामयाब कोशिश ...

जिन रिश्तों में सोच नहीं होती  
उनको बनाये रखने की कोशिश महज बेवकूफी है 
और एक नाकामयाब कोशिश ...
 
- रश्मि प्रभा 

3 टिप्‍पणियां:

  1. सोच और बिचारों का सामंजस्य ही तो
    बढाता है रिस्तो कीई बेल को आभार

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  2. ek dusaro ke bare me sochane se hi pyar badhata hai...or rishata bhi..

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...