मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

असली ज़िन्दगी ....

जो किनारे खड़े रहते है , वे क्या जाने लहरों से जूझना और जीवन को पाना 
असली ज़िन्दगी उनकी है जो मझधार में लहरों से उलझते हैं ...!!!
- रश्मि प्रभा 

6 टिप्‍पणियां:

  1. हाँ असली ज़िन्दगी तो यही है तूफानों से लड़ना और जीतना...

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  2. तैरने के लिए पानी में उतरना ही पड़ता है ...

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  3. अति सुन्दर |
    शुभकामनाएं ||

    dcgpthravikar.blogspot.com

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  4. किनारे पर बैठने कर देखने वाले क्या जाने संघर्ष का मजा और जीत का आनंद ।

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  5. kinare ke par jana hai to pani me utarana to hoga hi...
    acchi sikh deti rachana hai...

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...