शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

कछुए सी निष्ठा ...

जीवन में कछुए सी निष्ठा ही मंजिल तक ले जाती है
अहम् में चूर खरगोश न मंजिल पाता है
न ही उसकी छवि रास आती है ...!!!

- रश्मि प्रभा


2 टिप्‍पणियां:

  1. निष्‍ठा का भाव और यह प्रस्‍तुति दोनो ही बेहतरीन ... आभार ।

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  2. सुन्दर प्रेरक विचार.आपकी ज्ञान रश्मि से प्रकाशित हुआ मन.
    आभार.

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...