शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

चिंतन ...

प्रशंसनीय शब्दों से परे एक सच .... 
डरा हुआ आदमी बहुत अच्छा लिखता है !!

 - रश्मि प्रभा 

बुधवार, 7 नवंबर 2012

सोमवार, 5 नवंबर 2012

चिंतन ...

कविता - दिल दिमाग को छूती है और 
पूरे दिन,महीने,वर्षों की लहरों में तब्दील हो जाती है

- रश्मि प्रभा 

गुरुवार, 1 नवंबर 2012

चिंतन ..

अहंकार में प्रेम कहाँ ! 
प्रेम तर्कों में उलझ जाए,स्पष्टीकरण देने लगे-तो वह प्रेम होता ही नहीं. 
प्रेम करनेवाला अपनी अनुभूतियों को किसी कसौटी पर नहीं रखता !!

- रश्मि प्रभा


सोमवार, 29 अक्टूबर 2012

चिंतन ...

उच्श्रृंखल पहनावा, उत्तेजित करते परिधान को परिवर्तन नहीं कह सकते, 
बल्कि यह तो अस्तित्व को गुम करना है !

- रश्मि प्रभा 

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2012

चिंतन

प्रेम शिव है,जो आदिशक्ति का भान कराये - वसुधैव कुटुम्बकम सोचे  
 स्व' प्रेम नहीं....वह मात्र वियोग है- खुद से,संसार से ...

- रश्मि प्रभा 

सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

चिंतन ...

अच्छी बातों का प्रभाव अच्छा ही पड़े - यह ज़रूरी नहीं . 
अपने नज़रिए से लोग अच्छाई को आडम्बर भी कहते हैं !!!

- रश्मि प्रभा