मंगलवार, 27 नवंबर 2012

चिंतन ...

स्पेस की बात करते करते ...
इतना बड़ा स्पेस हो गया कि सब अकेले हो गए !

- रश्मि प्रभा 

4 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. दादी बाबा बा गए, काका काकी भाय |
      बच्चे भी बाहर गए, भारी जगह बनाय |
      भारी जगह बनाय, कई खाली हैं कमरे |
      रविकर लेता एक, एक में पत्नी पसरे |
      पाए आज स्पेस, जगह की नहिं बर्बादी |
      इक इक कोना थाम, बैठ बन बाबा दादी ||

      हटाएं
  2. सही है स्पेस कुछ हद स् ज्यादा बढ गया ।

    उत्तर देंहटाएं

यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...