जहाँ सारे तर्क ख़त्म हो जाते हैं,
वहाँ से आध्यात्म शुरू होता है ...।
- रश्मि प्रभा
बुधवार, 8 जून 2011
मंगलवार, 7 जून 2011
'' ईश्वर ''
जब हम दिमाग से ही हर काम करने लगते हैं तो ईश्वर
वहां से चल देते हैं क्योंकि ईश्वर मन का ही प्रतिरूप हैं .....
- रश्मि प्रभा
वहां से चल देते हैं क्योंकि ईश्वर मन का ही प्रतिरूप हैं .....
- रश्मि प्रभा
सोमवार, 6 जून 2011
अनुभवों की तिजोरी ...
जब हम हार कर बैठ जाते हैं तब ईश्वर उठकर चलाता है हमें
और अनुभवों की तिजोरी देता है .....
- रश्मि प्रभा
और अनुभवों की तिजोरी देता है .....
- रश्मि प्रभा
शनिवार, 4 जून 2011
सार से वंचित ....
क्या खोया क्या पाया ... इस जोड़ घटाव में
हम लम्बी लम्बी बातें करते हैं , पर सार से वंचित होते हैं ....
- रश्मि प्रभा
हम लम्बी लम्बी बातें करते हैं , पर सार से वंचित होते हैं ....
- रश्मि प्रभा
शुक्रवार, 3 जून 2011
मंथन में अमृत ....
ईश्वर ने मंथन में अमृत लिया और उसके लिए पूरी सूझबूझ अपनाई
यदि हम तब भी नहीं सीखते तो यह हमारी नियति नहींस्वनिर्मित दुर्भाग्य है ....
- रश्मि प्रभा
गुरुवार, 2 जून 2011
भावनाओं का समर्पण ...
अगर तुमने भावनाओं का समर्पण नहीं किया
भावनाओं का समर्पण नहीं लिया तो
पैसे से खरीदकर खुद को बेचकर
तुम न सुकून पा सकते हो न ईश्वर ...
- रश्मि प्रभा
भावनाओं का समर्पण नहीं लिया तो
पैसे से खरीदकर खुद को बेचकर
तुम न सुकून पा सकते हो न ईश्वर ...
- रश्मि प्रभा
बुधवार, 1 जून 2011
येन-केन प्रकारेण .....
जिसने अपने किये को येन-केन प्रकारेण बता ही दिया
तो वह किया मिट्टी में मिल जाता है ... ।
- रश्मि प्रभा
तो वह किया मिट्टी में मिल जाता है ... ।
- रश्मि प्रभा
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