गुरुवार, 1 मार्च 2012

खुद को सुकून देते हो या उसे ..

खुश होने के कारण तो अपने पास होते हैं 
सामनेवाला ( अधिकांशतः ) आंसू देखने में सुकून पाता है 
अब फैसला तुम्हारे हाथ है 
खुद को सुकून देते हो या उसे ..

- रश्मि प्रभा 


5 टिप्‍पणियां:

  1. दूजे के दुःख में ख़ुशी, दुर्जन लेते ढूँढ़ ।

    अश्रु बहाते व्यर्थ ही, निर्बल अबला मूढ़ ।।



    दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक

    http://dineshkidillagi.blogspot.in

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  2. बहूत हि भली बात कही है आपने..
    बहूत हि सुंदर ,और सटीक विचार

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  3. शुक्रवारीय चर्चा मंच पर आपका स्वागत
    कर रही है आपकी रचना ||

    charchamanch.blogspot.com

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  4. sahi bat khi aapne rashmi jee faisla hmesha apne hath hota hai .......bahut dinon se mere blog pr aapke darshan nhi huye hain.

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  5. किसी के दुःख मे खुश होने वाला निश्चय ही दुर्जन होता है!और उसे खुश करने मे हमें कोई दिलचस्पी नहीं!

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यह प्रेरक विचार आपके प्रोत्‍साहन से एक नये विचार को जन्‍म देगा ..
आपके आगमन का आभार ...सदा द्वारा ...